प्राथमिक शाला सिर्रीखुर्द में मनाया गया जनजातीय गौरव दिवस — बिरसा मुंडा के आदर्शों से विद्यार्थियों को कराया अवगत

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फिंगेश्वर-: प्राथमिक शाला सिर्रीखुर्द में 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस गरिमामय वातावरण में मनाया गया। महान जनजातीय नायक भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को उनके जीवन, संघर्ष और समाज के प्रति उनके अमूल्य योगदान की जानकारी दी गई।

 

शिक्षा विभाग से प्राप्त निर्देशानुसार प्रभारी प्रधान पाठक खोमन सिन्हा ने जनजातीय गौरव दिवस वाचन-पत्र का वाचन कराया। साथ ही बिरसा मुंडा द्वारा अंग्रेजों के अत्याचारों के विरुद्ध चलाए गए उलगुलान आंदोलन, जंगल-जमीन-जल की सुरक्षा और जनजातीय समाज में एकता व सम्मान के संदेश को विस्तार से समझाया।

 

कार्यक्रम में अन्य जनजातीय नायकों—वीर नारायण सिंह, जिन्होंने 1857 के विद्रोह में अंग्रेजों से मोर्चा लिया, तथा गुंडाधुर, जिन्होंने 1910 के भूमकाल आंदोलन का नेतृत्व किया—के साहस, नेतृत्व और बलिदान की भी प्रेरक जानकारियाँ बच्चों को दी गईं।

 

शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपराएँ सरलता, सामूहिकता, प्रकृति-प्रेम और पर्यावरण-संरक्षण की सीख देती हैं। इन्हें जीवन में अपनाकर समाज व पर्यावरण के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

 

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनजातीय नायकों के योगदान का सम्मान करना, छात्रों में जागरूकता बढ़ाना और संस्कृति से प्रेरणा लेना था, जो सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ। विद्यालय परिवार, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया।

थनेश्वर बंजारे
Author: थनेश्वर बंजारे

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