अभनपुर-: गोबरा नवापारा स्थित जौदा धान संग्रहण केंद्र में श्रमिकों के साथ कथित अन्याय और वित्तीय अनियमितता का गंभीर मामला सामने आया है। केंद्र में कार्यरत 100 से अधिक मजदूरों ने आरोप लगाया है कि उनके वेतन से प्रत्येक माह पीएफ की राशि काटी गई, लेकिन कई महीनों से यह राशि उनके खातों में जमा नहीं की गई है।
श्रमिकों का कहना है कि जब उन्होंने अपने हक की मांग उठाई तो ठेकेदार ने करीब 20 मजदूरों को काम से निकाल दिया। मजदूरों के अनुसार विगत दिनों इस मुद्दे को लेकर हड़ताल भी की गई थी, जिसके बाद ठेकेदार ने लिखित रूप से 15 दिनों के भीतर सभी की पीएफ राशि जमा करने का आश्वासन दिया था।
लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद मजदूरों के खातों में राशि नहीं पहुंची।
मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। फंड प्रभारी ने इसे पूरी तरह ठेकेदार की जिम्मेदारी बताकर पल्ला झाड़ लिया, जबकि जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) की भूमिका को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
श्रमिकों का कहना है कि यदि ठेकेदार को भुगतान विभागीय प्रक्रिया के तहत किया जाता है तो क्या यह संभव है कि डीएमओ की जानकारी या हस्ताक्षर के बिना भुगतान हो जाए?
न्याय की मांग को लेकर प्रभावित श्रमिकों ने रायपुर कलेक्टर एवं श्रम अधिकारी को आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी पीएफ राशि जमा नहीं की गई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे सुशासन तिहार में सामूहिक शिकायत कर बड़ा आंदोलन करेंगे
Author: थनेश्वर बंजारे
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