टेंगनाबासा पंचायत में आर्थिक अनियमितता के आरोपों से मचा हड़कंप

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टेंगनाबासा पंचायत में आर्थिक अनियमितता के आरोपों से मचा हड़कंप

दूसरे खातों में पंचायत राशि ट्रांसफर करने का मामला गरमाया, कार्रवाई नहीं होने पर प्रशासनिक कार्यशैली पर उठे सवाल

गरियाबंद/छुरा।′

छुरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत टेंगनाबासा में पंचायत सचिव को लेकर विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। पंचायत सचिव सरोज कुमार ठाकुर पर पंचायत की आय-व्यय जानकारी छिपाने, बैठकों में स्पष्ट हिसाब प्रस्तुत नहीं करने तथा पंचायत निधि को कथित रूप से अन्य व्यक्तियों के खातों में ट्रांसफर कर आर्थिक अनियमितता करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर उपसरपंच रेखचंद साहू सहित 09 पंचों द्वारा लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा जनपद पंचायत छुरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत गरियाबंद के सीईओ, कलेक्टर जनदर्शन तथा राजिम विधायक को लिखित आवेदन सौंपकर सचिव को तत्काल हटाने और पंचायत के वित्तीय लेन-देन की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पंचायत बैठकों में सचिव द्वारा आय-व्यय का पूरा विवरण प्रस्तुत नहीं किया जाता, जिससे पंचायत प्रतिनिधियों के बीच लगातार असंतोष की स्थिति बनी हुई है। मामला तब और गंभीर हो गया जब शिकायत में पंचायत की राशि अन्य व्यक्तियों के खातों में जमा किए जाने का आरोप सामने आया। यदि पंचायत निधि वास्तव में दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई है, तो यह बेहद गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला माना जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के रिकॉर्ड और खर्चों में पारदर्शिता नहीं होने से संदेह लगातार गहराता जा रहा है। सूत्रों के अनुसार उपसरपंच और पंच कई बार जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचकर शिकायत कर चुके हैं। इसके अलावा जिला पंचायत कार्यालय, जनदर्शन और अन्य प्रशासनिक स्तरों पर भी आवेदन सौंपे गए, लेकिन लंबे समय से कार्रवाई नहीं होने के कारण प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

“आवेदन देखूंगा, तथ्य मिले तो होगी कार्रवाई” — जिला पंचायत सीईओ

इस पूरे मामले पर जिला पंचायत गरियाबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का भी बयान सामने आया है। जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि,

“आवेदन के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई है। मैं स्वयं आवेदन को देखूंगा। यदि इस प्रकार की शिकायत सामने आई है और प्रथम दृष्टया तथ्य पाए जाते हैं, तो निश्चित रूप से मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”

सीईओ के इस बयान के बाद अब ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों की निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिक गई हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो पंचायत में हुए वित्तीय लेन-देन और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

सुशासन तिहार में भी उठेगा मामला, कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से लगातार आवेदन देते-देते थक चुके हैं, लेकिन अब तक कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में अब इस मामले को “सुशासन तिहार” में भी उठाने की तैयारी की जा रही है। शिकायतकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इसके बाद भी प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं की गई, तो पंचायत स्तर से लेकर जिला मुख्यालय तक आंदोलन और मोर्चा खोला जाएगा।

एक ओर शासन “सुशासन तिहार” के माध्यम से त्वरित निराकरण और पारदर्शी प्रशासन का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर टेंगनाबासा पंचायत का मामला प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होना अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

फिलहाल पूरे जिले की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि आखिर प्रशासन इस बहुचर्चित मामले में जांच कर क्या कार्रवाई करता है और क्या वास्तव में पंचायत निधि के उपयोग की सच्चाई सामने आ पाएगी।

थनेश्वर बंजारे
Author: थनेश्वर बंजारे

Dist :- Gariyaband Phone No. :- 7067148964 Gmail :- Banjarethaneshwar544@gmail.com

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