सिंचाई मिशन सफल — खरीफ फसल की सिंचाई पूरी, किसानों की मांग पर अब बंद हुई नहरें

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गरियाबंद से पाण्डुका तक विभाग की शानदार उपलब्धि!

गरियाबंद/फिंगेश्वर/राजिम पाण्डुका-:इस वर्ष खरीफ सीजन में जल संसाधन विभाग गरियाबंद ने एक बार फिर अपनी कुशल जल प्रबंधन नीति से किसानों का विश्वास जीता है। पैरी पिकअप बियर कुकदा से 25 जुलाई 2025 को खरीफ फसल की सिंचाई हेतु दायीं तट नहर एवं फिंगेश्वर वितरक शाखा नहर के माध्यम से पानी छोड़ा गया था, जो जिले के अंतिम छोर तक किसानों के खेतों तक सफलतापूर्वक पहुँचाया गया।

कार्यपालन अभियंता श्री एस. के. बर्मन के कुशल मार्गदर्शन में यह समूचा अभियान चलाया गया। उनके नेतृत्व में अनुविभागीय अधिकारी श्री एस. के. चंदेल, युवराम सिन्हा, एम. के. पांडोरिया, सहायक अभियंता प्रतीक पटेरिया, उप अभियंता दुर्गेश सोनकर, विकास ध्रुव, स्थल सहायक नारद सिंह, आशा गुप्ता, सिद्धार्थ देवांगन, जीतेन्द्र सहित विभागीय फील्ड टीमों ने लगातार मैदानी निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित किया कि सिंचाई जल हर खेत तक पहुँचे।

सिंचाई का व्यापक दायरा

फिंगेश्वर उपसंभाग के 13,712 हेक्टेयर, राजिम उपसंभाग के 10,964 हेक्टेयर, और पाण्डुका उपसंभाग के 8,810 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों के लिए आवश्यक जल की आपूर्ति की गई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष सिंचाई व्यवस्था पहले से बेहतर रही, जिससे जल की कोई कमी नहीं रही और फसलों की बढ़वार उत्कृष्ट रही।

किसानों की मांग पर अब बंद हुई नहरें

फसलें अब परिपक्व अवस्था में पहुँच चुकी हैं और किसानों द्वारा सिंचाई की आवश्यकता नहीं बताई गई है। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने 23 अक्टूबर 2025 से नहरों का जल प्रवाह पूर्ण रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। अब नहरों की सफाई व रखरखाव कार्य की तैयारी भी शुरू कर दी गई है, ताकि आगामी रबी सीजन के लिए जल प्रबंधन समय से किया जा सके।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

कार्यपालन अभियंता एस. के. बर्मन ने बताया कि – “विभागीय टीम ने खरीफ सीजन में लगातार फील्ड में रहकर यह सुनिश्चित किया कि किसी किसान को सिंचाई जल की कमी न हो। इस बार पूरे जिले में पानी का संतुलित वितरण हुआ है, जिससे फसलें भरपूर हुई हैं।”

किसानों में संतोष और उत्साह

गरियाबंद, फिंगेश्वर और राजिम क्षेत्र के किसानों ने विभाग के प्रयासों की सराहना की है। किसान अब अच्छी उपज की उम्मीद कर रहे हैं। नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुँचने से वे आश्वस्त हैं कि आने वाले रबी सीजन में भी उन्हें समय पर सिंचाई जल मिलेगा।

सफल जल प्रबंधन बना उदाहरण

इस वर्ष जल संसाधन विभाग की नहर संचालन प्रणाली और निगरानी व्यवस्था अन्य जिलों के लिए भी एक मॉडल के रूप में देखी जा रही है। समय पर पानी छोड़ने, संतुलित वितरण और किसानों के साथ सतत संवाद ने इस सिंचाई सीजन को विभाग की बड़ी सफलता बना दिया है।
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थनेश्वर बंजारे
Author: थनेश्वर बंजारे

Dist :- Gariyaband Phone No. :- 7067148964 Gmail :- Banjarethaneshwar544@gmail.com

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