सफलता की कहानी मनरेगा योजना से ग्रामीणों को मिला रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर

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डबरी निर्माण से बढ़ी सिंचाई सुविधा, फसल उत्पादन में हुआ सुधार

किसान तिरन एवं रूपधर ने डबरी निर्माण से बदली अपनी आर्थिक स्थिति

गरियाबंद-:मनरेगा योजना ने ग्रामीण अंचल के किसानों की ज़िंदगी में नई रोशनी लाई है। इस योजना के तहत किए गए डबरी निर्माण कार्य से न केवल ग्रामीणों को रोजगार मिला, बल्कि सिंचाई सुविधा में सुधार के कारण फसल उत्पादन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। गरियाबंद जिले के दूरस्थ ग्राम पंचायत मुड़ागांव, जो जिला मुख्यालय से लगभग 67 किलोमीटर दूर स्थित है, आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुका है।ग्राम में मनरेगा जॉब कार्ड धारकों की संख्या 360 है। इन्हीं में से एक कृषक श्री तिरन पहले केवल बारिश के पानी पर निर्भर रहते थे। बेमौसम वर्षा और पानी की कमी के चलते खेती दिन-ब-दिन मुश्किल होती जा रही थी। फसलों के बार-बार खराब होने से उनका आत्मविश्वास भी डगमगाने लगा था। इसी तरह गांव के रूपधर सहित कई किसानों को भी सिंचाई की समस्या से जूझना पड़ रहा था।ग्राम सभा में जब महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत व्यक्तिगत एवं हितग्राही मूलक कार्यों की जानकारी दी गई, तो किसानों को बताया गया कि “डबरी निर्माण” से खेतों में सिंचाई के साथ-साथ मछली पालन जैसी अतिरिक्त आय के साधन भी विकसित किए जा सकते हैं। इस जानकारी से प्रेरित होकर श्री तिरन और रूपधर ने डबरी निर्माण के लिए आवेदन किया। पंचायत द्वारा प्रस्ताव जनपद पंचायत को भेजा गया और स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारंभ कर दिया गया।अब वही किसान, जो कभी पानी के लिए तरसते थे, आज अपनी डबरी में जमा पानी से खेतों की सिंचाई कर भरपूर फसल ले रहे हैं। साथ ही डबरी में मछली पालन कर अतिरिक्त आमदनी भी कमा रहे हैं। दोनों किसानों ने बताया कि इस योजना ने उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है। अब वे न सिर्फ परिवार का पालन-पोषण सहजता से कर पा रहे हैं, बल्कि खेती में भी बेहतर उत्पादन कर रहे हैं।

श्री तिरन ने बताया —
“पहले मेरी जमीन में पानी की कमी के कारण फसल नहीं हो पाती थी। जब मुझे पता चला कि मनरेगा से डबरी बन सकती है, तो मैंने आवेदन किया। डबरी बनने के बाद अब हर साल अच्छी फसल होती है और मछली पालन से भी आय बढ़ी है। हमारा परिवार बहुत खुश है और मैं अन्य ग्रामीणों को भी इसके लिए प्रेरित करता हूँ।डबरी निर्माण से न केवल खेतों में सिंचाई की सुविधा बढ़ी है, बल्कि गांव में रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक “सफलता की कहानी” बन चुकी है।

थनेश्वर बंजारे
Author: थनेश्वर बंजारे

Dist :- Gariyaband Phone No. :- 7067148964 Gmail :- Banjarethaneshwar544@gmail.com

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