किराए के मकान और जर्जर भवन में संचालित हो रहे आंगनवाड़ी केंद्र — बच्चों के भविष्य से खिलवाड़

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गरियाबंद एक्सप्रेस न्यूज़ | 

गरियाबंद -:राज्य सरकार बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर लगातार नई योजनाएं बना रही है। आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत किए जा रहे हैं ताकि बच्चों को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण मिल सके। लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी कहती है गरियाबंद विकासखंड के ग्राम पंचायत बीरीघाट में विभागीय लापरवाही का ऐसा उदाहरण देखने को मिला है जहाँ दो आंगनवाड़ी केंद्र किराए के मकान और जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं।ग्राम बीरीघाट के पानीगांव स्थित एक आंगनवाड़ी भवन पूरी तरह जर्जर हालत में है — दीवारों में दरारें, छत टपक रही है, बरसात में बच्चों का बैठना भी मुश्किल हो जाता है। वहीं वार्ड क्रमांक 12 हरिजनपारा में लगभग ₹11 लाख की लागत से नया भवन निर्माण स्वीकृत किया गया था। राशि आहरित भी कर ली गई, नींव खुदाई के बाद कार्य को अधूरा छोड़ दिया गया।आश्चर्य की बात यह है कि वर्तमान सरपंच को इस निर्माण कार्य की कोई जानकारी नहीं दी गई, और न ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को बताया गया कि निर्माण बंद क्यों पड़ा है।इस लापरवाही के बीच आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका बच्चों को किराए के मकान में किसी तरह केंद्र संचालित करने को मजबूर हैं — जहाँ ना पर्याप्त जगह है, ना सुरक्षा की गारंटी। बच्चे तंग और असुरक्षित माहौल में पढ़ने और भोजन करने को विवश हैं।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को इसकी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।विभागीय लापरवाही साफ झलकती है — बच्चों के भविष्य की चिंता केवल कागज़ों में दिखती है, ज़मीन पर नहीं। यदि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

थनेश्वर बंजारे
Author: थनेश्वर बंजारे

Dist :- Gariyaband Phone No. :- 7067148964 Gmail :- Banjarethaneshwar544@gmail.com

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