दो बाघों की खाल, पैंगोलिन के शल्क जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार; संयुक्त कार्रवाई में मिली बड़ी सफलता
गरियाबंद-:महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर सक्रिय अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी गिरोह के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान “ऑपरेशन सेफ पैसेज” में वन विभाग और केंद्रीय एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त कार्रवाई के दौरान दो बाघों की खाल, करीब पांच किलोग्राम पैंगोलिन के शल्क बरामद किए गए हैं, जबकि तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।वन विभाग को मिली गुप्त सूचना के आधार पर उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी-पोचिंग टीम ने वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी), राज्य स्तरीय फ्लाइंग स्क्वॉड, पश्चिम भानुप्रतापपुर वन मंडल तथा गरियाबंद पुलिस के सहयोग से यह कार्रवाई की। अभियान के दौरान महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा से दो आरोपियों को दो बाघों की खाल और एक मोटरसाइकिल सहित गिरफ्तार किया गया। बाद में इंद्रावती टाइगर रिजर्व की टीम ने बीजापुर जिले से एक अन्य शिकारी को भी दबोच लिया।प्रारंभिक जांच में आरोपियों के कब्जे से लगभग पांच किलोग्राम पैंगोलिन के शल्क भी बरामद किए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार दो आरोपी महाराष्ट्र पुलिस विभाग से जुड़े कर्मचारी हैं। वन विभाग के अनुसार बरामद बाघों का शिकार इंद्रावती टाइगर रिजर्व के अबूझमाड़ क्षेत्र में किया गया था।
बाघ गलियारे की सुरक्षा को मिलेगा लाभ
वन अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई गढ़चिरौली, इंद्रावती, अबूझमाड़, उदंती-सीतानदी और सुनाबेड़ा को जोड़ने वाले लगभग 400 किलोमीटर लंबे बाघ गलियारे की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह गलियारा बाघों के साथ-साथ हाथी, गौर, जंगली भैंसा सहित कई वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन और प्राकृतिक आवास को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।
वन विभाग की सख्ती जारी
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीव अपराधों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस‘ की नीति के तहत आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि खुफिया सूचना, आधुनिक तकनीक और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से वन्यजीव तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं, ताकि प्रदेश के महत्वपूर्ण वन्यजीव गलियारों और दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
Author: थनेश्वर बंजारे
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