फर्जी मार्कशीट से बनी नौकरी की नींव हिली: 48% को 67% दिखाकर शिक्षक बना ‘मेधावी’, जांच में खुला 18 साल पुराना खेल

SHARE:

बलौदाबाजार/रायपुर-: शिक्षा विभाग में फर्जी अंकसूची के सहारे नौकरी हासिल करने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला दलदली में पदस्थ शिक्षक एल.बी. चंदराम यादव पर आरोप है कि उन्होंने बी.एससी. की फर्जी मार्कशीट प्रस्तुत कर चयन सूची में अपने अंक बढ़ाकर दर्शाए और उसी आधार पर नियुक्ति प्राप्त की। अब संभागीय स्तर पर चल रही जांच ने पूरे प्रकरण को गंभीर मोड़ दे दिया है।

 

*अंकों की हेराफेरी का खुलासा*

 

विभागीय दस्तावेज (क्रमांक/सतर्कता/एफ-339/2025) के अनुसार—

चयन सूची में दर्शाए गए अंक: 1800 में से 1210 (67.22%)

वास्तविक विश्वविद्यालय रिकॉर्ड: 1800 में से केवल 880 (48.88%)

जांच में यह भी सामने आया है कि भर्ती प्रक्रिया और कार्यभार ग्रहण के समय अलग-अलग अंकसूचियों की प्रतियां जमा की गईं। आरोप है कि जानबूझकर अधिक अंक दर्शाकर चयन सूची में स्थान बनाया गया।

 

*जांच की दिशा और प्रशासनिक सख्ती*

 

संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय, रायपुर ने जिला शिक्षा अधिकारी, जांजगीर-चांपा को नोटिस जारी कर मूल दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां तलब की हैं।

फर्जी मार्कशीट की प्रमाणित प्रति मांगी गई

भर्ती प्रक्रिया की फाइलों की पुनः जांच शुरू

सेवा समाप्ति और कानूनी कार्रवाई की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, दस्तावेज सत्यापित होते ही बर्खास्तगी की कार्रवाई के साथ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की जा सकती है।

 

*शपथ और संविलियन पर भी सवाल*

 

आरोप है कि 01 जुलाई 2018 को संविलियन के समय भी वास्तविक शैक्षणिक योग्यता छिपाई गई। यदि यह तथ्य प्रमाणित होते हैं तो यह न केवल सेवा नियमों का उल्लंघन बल्कि आपराधिक कृत्य की श्रेणी में भी आ सकता है।

 

*18 साल तक कैसे चलता रहा फर्जीवाड़ा?*

 

प्रथम नियुक्ति 16 जुलाई 2007 को हुई थी। सवाल यह उठता है कि सत्यापन तंत्र इतने लंबे समय तक कैसे निष्क्रिय रहा? क्या दस्तावेजों की जांच में लापरवाही हुई या सिस्टम की खामियों का फायदा उठाया गया?

 

*शिकायत से टूटी चुप्पी*

ग्राम बरेली निवासी राजेंद्र कुमार यादव की लगातार शिकायतों के बाद मामला खुला। शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और साक्ष्यों ने जांच को नई दिशा दी।

फिलहाल शिक्षा विभाग में इस प्रकरण को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो यह मामला फर्जी मार्कशीट के आधार पर नौकरी पाने की बड़ी घटनाओं में गिना जाएगा और विभागीय जवाबदेही भी तय हो सकती है।

थनेश्वर बंजारे
Author: थनेश्वर बंजारे

Dist :- Gariyaband Phone No. :- 7067148964 Gmail :- Banjarethaneshwar544@gmail.com

Author

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई