गरियाबंद के सीता नदी बाघ अभयारण्य की सीमा से सटा नबरंगपुर दहला — मकई के खेत में मिला बाघ का शव, हत्या की आशंका

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दोनों राज्यों के वन अधिकारी अलर्ट

गरियाबंद-: ओडिशा के नबरंगपुर जिले में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब रायगढ़ जंगल की सीमा पर स्थित नकटीसेमेड़ा–सेमरडीही गांव के मकई के खेत में एक वयस्क बाघ का शव बरामद किया गया। ग्रामीणों ने खेत में पड़ी लाश देखकर वन विभाग को सूचना दी। देखते ही देखते इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई।हैरानी की बात यह है कि हाल ही में हुई गणना में नबरंगपुर जिले में बाघों की संख्या शून्य बताई गई थी, ऐसे में अचानक एक बाघ का शव मिलना पूरे वन तंत्र के लिए रहस्य बन गया है। मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने बताया कि मृत बाघ की पीठ पर काले रंग के निशान हैं और उसके शरीर पर चोट के स्पष्ट निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका गहराती जा रही है।यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ की सीमा से सटा हुआ है और गरियाबंद जिले के सीता नदी बाघ अभयारण्य से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि बाघ अभयारण्य से भटककर ओडिशा की सीमा में आया और बीती रात शिकारियों का शिकार हो गया।नबरंगपुर के वन अधिकारी (डीएफओ) सुभेंदु कुमार बेहरा ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं, छत्तीसगढ़ वन विभाग को भी बाघ की मौत की जानकारी दे दी गई है ताकि सीमा पार वन्यजीव मूवमेंट की जांच की जा सके।वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच दल गठित किया है। आसपास के जंगलों में सर्च ऑपरेशन जारी है। दोनों राज्यों के अधिकारी इस मामले को इंटर-स्टेट वाइल्डलाइफ क्राइम के रूप में देख रहे हैं।ग्रमीणों में इस घटना को लेकर भय और चिंता का माहौल है। लोग यह जानना चाहते हैं कि जहां अब तक बाघों की उपस्थिति नहीं थी, वहां अचानक

यह बाघ कैसे पहुंच गया।

फिलहाल वन विभाग ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट रूप से बताया जा सकेगा कि बाघ की मौत कैसे हुई।

थनेश्वर बंजारे
Author: थनेश्वर बंजारे

Dist :- Gariyaband Phone No. :- 7067148964 Gmail :- Banjarethaneshwar544@gmail.com

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