आदेश जारी… कार्रवाई लापता! सरकारी सहकारी समितियों में भाजपा के स्थापना दिवस आयोजन पर प्रशासन की चुप्पी

SHARE:

आदेश जारी… कार्रवाई लापता! सरकारी सहकारी समितियों में भाजपा के स्थापना दिवस आयोजन पर प्रशासन की चुप्पी

भाजपा स्थापना दिवस मनाने के मामले में SDM ने दिए कार्रवाई के आदेश, जिम्मेदार अधिकारी ‘राजा साहब’ बन साधे बैठे हैं चुप्पी

गरियाबंद /राजिम -:सरकारी संस्थानों की निष्पक्षता और प्रशासनिक जवाबदेही पर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकारी धान खरीदी केंद्रों एवं सहकारी समितियों में भाजपा का स्थापना दिवस मनाए जाने और पार्टी के झंडे-बैनर लगाए जाने के मामले में शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

पूर्व में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी फिंगेश्वर के अध्यक्ष रूपेश कुमार साहू एवं अन्य पदाधिकारियों ने आरोप लगाया था कि सरकारी धान खरीदी केंद्रों एवं सहकारी समितियों जैसे सार्वजनिक परिसरों का उपयोग भाजपा के स्थापना दिवस कार्यक्रम के लिए किया गया। शिकायत में कहा गया था कि सरकारी परिसरों में किसी एक राजनीतिक दल का कार्यक्रम आयोजित करना और वहां पार्टी का झंडा-बैनर लगाना शासन की निष्पक्षता और सेवा आचरण के सिद्धांतों के विपरीत है।

मामले को गंभीर मानते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजिम ने ज्ञापन क्रमांक 730/अनुवि./स्थेनों/2026 दिनांक 13 अप्रैल 2026 के माध्यम से सहायक पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, जिला गरियाबंद को शिकायत भेजते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कर कार्यालय को अवगत कराने के निर्देश दिए थे। आदेश की प्रति शिकायतकर्ताओं को भी सूचनाार्थ प्रेषित की गई थी।

भाजपा स्थापना दिवस मनाने के मामले में स्वयं एसडीएम द्वारा कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश जारी किए जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी अब तक ‘राजा साहब’ बनकर चुप्पी साधे हुए हैं। आदेश जारी होने के कई माह बाद भी न तो जांच रिपोर्ट सामने आई है और न ही किसी प्रकार की वैधानिक कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की गई है।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि एसडीएम के स्पष्ट निर्देश जारी होने के कई महीने बाद भी संबंधित विभाग की ओर से न तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई सामने आई। इससे शिकायतकर्ताओं में नाराजगी है और प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि सरकारी परिसरों में किसी भी राजनीतिक दल द्वारा स्थापना दिवस मनाया गया और पार्टी का झंडा लगाया गया, तो इसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। उनका सवाल है कि क्या सरकारी संपत्ति का उपयोग किसी राजनीतिक संगठन के कार्यक्रम के लिए किया जा सकता है? यदि नहीं, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब स्वयं एसडीएम स्तर से कार्रवाई के निर्देश जारी किए जा चुके हैं, तब संबंधित अधिकारी आदेशों का पालन करने में आखिर क्यों पीछे हैं? क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर किसी प्रकार का दबाव है, या फिर मामला जानबूझकर लंबित रखा गया है?

“आदेश जारी… कार्रवाई लापता” की स्थिति ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। प्रशासनिक आदेश के बावजूद कार्रवाई का अभाव इस बात की ओर संकेत करता है कि या तो आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, या फिर जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर मामले को लंबित रखे हुए हैं। इससे प्रशासनिक जवाबदेही और सरकारी संस्थानों की निष्पक्षता पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।

अब सभी की निगाहें सहकारी विभाग और जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वे इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करते हैं या फिर सरकारी आदेश केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएंगे।

थनेश्वर बंजारे
Author: थनेश्वर बंजारे

Dist :- Gariyaband Phone No. :- 7067148964 Gmail :- Banjarethaneshwar544@gmail.com

Author

Leave a Comment