कलेक्टर बीएस उइके एवं सीईओ प्रखर चंद्राकर के नेतृत्व में भू-जल संरक्षण को मिली गति

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मैनपुर क्षेत्र में “मोर गांव मोर पानी” अभियान के तहत सोखता गड्ढा निर्माण तेज

 

गरियाबंद-:कलेक्टर बीएस उइके एवं जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर के नेतृत्व में जिले में जल संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे मैनपुर विकासखंड में चल रहे इस अभियान से प्रेरणा लेकर जल संरक्षण के उपाय अपनाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षित किया जा सके।

 

जिले में लगातार गिरता भू-जल स्तर अब गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। अनियमित वर्षा, बढ़ते जल दोहन और वर्षा जल के अपर्याप्त संचयन के कारण कई क्षेत्रों में जल स्तर में कमी दर्ज की जा रही है, जिससे भविष्य में पेयजल संकट की आशंका बढ़ गई है।

 

इसी के मद्देनजर जनपद पंचायत मैनपुर के विभिन्न ग्राम पंचायतों में “मोर गांव मोर पानी” अभियान के तहत सोखता गड्ढों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से वर्षा जल को सीधे जमीन में समाहित कर भू-जल स्तर को पुनर्भरित करने का प्रयास किया जा रहा है।

 

अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत बजाड़ी, मुचबहाल, कोयबा, इंदागांव, हरदीभाटा, गोपालपुर, गुड़ियारी, धनोरा, अमलीपदर, गोलमाल एवं कोकराझार में स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा सक्रिय भागीदारी निभाई जा रही है। महिला समूहों के साथ-साथ पशु सखियां, कृषि सखी, सीआरपी, पीआरपी एवं अन्य मैदानी कार्यकर्ताओं की भूमिका भी सराहनीय रही है।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के प्रयास किए जाएं, तो गिरते भू-जल स्तर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। सोखता गड्ढे वर्षा जल संचयन का प्रभावी माध्यम साबित हो रहे हैं, जो सीधे पानी को जमीन के भीतर पहुंचाकर जल संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

थनेश्वर बंजारे
Author: थनेश्वर बंजारे

Dist :- Gariyaband Phone No. :- 7067148964 Gmail :- Banjarethaneshwar544@gmail.com

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