फोनपे वसूली कांड से हिला फिंगेश्वर शिक्षा विभाग! 260+ स्कूलों से उगाही का खुलासा आदेश गायब—कौन है असली खिलाड़ी

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फोनपे वसूली कांड से हिला फिंगेश्वर शिक्षा विभाग! 260+ स्कूलों से उगाही का खुलासा आदेश गायब—कौन है असली खिलाड़ी

फोनपे से वसूली, व्हाट्सऐप से फरमान! फिंगेश्वर शिक्षा विभाग का बड़ा कारनामा 

संवाददाता -थनेश्वर बंजारे

गरियाबंद/फिंगेश्वर-: जिले के फिंगेश्वर विकासखंड में शिक्षा विभाग से जुड़ा कथित अवैध वसूली का बड़ा कांड सामने आया है। परीक्षा परिणाम और फर्द (दस्तावेज) तैयार करने के नाम पर स्कूलों से पैसे लेने का मामला अब डिजिटल सबूतों के साथ उजागर हो गया है। फोनपे के माध्यम से किए गए भुगतान और कथित आदेशों के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है।

सूत्रों के अनुसार फिंगेश्वर ब्लॉक के 157 शासकीय प्राइमरी और 83 मिडिल स्कूलों से 150 से 300 रुपये तक की राशि ली गई। इसके अलावा प्राइवेट स्कूलों से भी अलग से वसूली किए जाने की बात सामने आई है, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है।

वायरल स्क्रीनशॉट ने खोली पोल

सोशल मीडिया में वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट्स में

👉 फोनपे ट्रांजैक्शन के जरिए पैसे जमा कराने के प्रमाण

👉 व्हाट्सऐप के माध्यम से जारी कथित “सूचना/आदेश”

👉जिन मोबाइल नंबर से लिए गए पैसे

स्पष्ट रूप से नजर आ रहे हैंइन डिजिटल साक्ष्यों के सामने आने के बाद अब यह मामला केवल आरोप नहीं, बल्कि जांच योग्य ठोस आधार बन गया है।

सबसे बड़ा सवाल—किसके आदेश पर वसूली

अब पूरे मामले में कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं—

👉 जब कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ, तो यह सूचना किसने जारी की

👉 स्कूलों को फोन कर पैसे किसके कहने पर मांगे गए?

👉 फोनपे पर जिस नंबर में राशि जमा हुई, वह किसका है?

👉 क्या यह संगठित तरीके से किया गया खेल है?

“क्या परीक्षा के लिए बजट नहीं आता?

शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन ने सवाल उठाया है कि जब शासन द्वारा परीक्षा और शैक्षणिक कार्यों के लिए बजट पहले से उपलब्ध कराया जाता है, तो फिर इस तरह की अलग से वसूली क्यों की गई?

इसे उन्होंने पूरी तरह नियम विरुद्ध और संदिग्ध बताया है।

DEO का बड़ा बयान—“नहीं दिया कोई आदेश”

इस पूरे मामले में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) गरियाबंद से फोन के माध्यम से संपर्क किया गया।DEO ने स्पष्ट कहा—

👉 “पैसे लेने के लिए हमारे द्वारा किसी प्रकार का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।”

👉 “यदि इस तरह की वसूली सामने आती है, तो इसकी जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

DEO के इस बयान के बाद अब यह मामला और भी गंभीर हो गया है, क्योंकि इससे साफ है कि वसूली विभागीय आदेश के बिना की गई है।

जिम्मेदार कौन? कार्रवाई की मांग तेज

अब शिक्षकों, स्कूल प्रबंधन और आम लोगों की मांग है कि—

👉 फोनपे में जिस नंबर पर पैसा गया उसकी तत्काल जांच हो

👉 संबंधित जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई हो

लोगों का कहना है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विभाग में इस तरह की घटना “शिक्षा के मंदिर” पर दाग है।

अब प्रशासन की परीक्षा

यह मामला अब पूरे जिले में चर्चा का केंद्र बन चुका है।

डिजिटल सबूत, वायरल स्क्रीनशॉट और DEO के बयान के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है—

👉 क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा?

फिलहाल सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

थनेश्वर बंजारे
Author: थनेश्वर बंजारे

Dist :- Gariyaband Phone No. :- 7067148964 Gmail :- Banjarethaneshwar544@gmail.com

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