नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) बिल पास न होने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा, “कल जो हुआ वो लोकतंत्र के लिए एक बहुत बड़ी जीत थी। संघीय ढांचे को बदलने और लोकतंत्र को कमजोर करने की सरकार की जो साजिश थी, उसको रोका गया। यह संविधान की जीत थी, देश की जीत थी और विपक्ष की एकता की जीत थी और यह सत्ता पक्ष के नेताओं के चेहरों पर साफ दिख रहा था…मुझे लगता है कि यह एक साज़िश है कि किसी तरह उन्हें सत्ता में बने रहना है… इसलिए इसे हासिल करने के लिए, वे महिलाओं का इस्तेमाल करके हमेशा सत्ता में बने रहने की प्लानिंग कर रहे हैं… उन्होंने सोचा कि अगर यह पास हो गया, तो वे जीत जाएंगे। अगर यह पास नहीं हुआ, तो वे दूसरी पार्टियों को महिला विरोधी बताकर महिलाओं के मसीहा बन जाएंगे… हम जानते हैं कि महिलाओं के लिए मसीहा बनना आसान नहीं है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “हमारा स्टैंड बहुत साफ है। पूरे INDIA अलायंस ने अपना स्टैंड बहुत साफ़ कर दिया है, और इस वोट ने इसे और भी साफ़ कर दिया है कि, हमारी समझ से, यह बिल जो पेश किया गया था और तीन दिन की चर्चा महिला रिज़र्वेशन के बारे में नहीं थी; यह सिर्फ़ डिलिमिटेशन के बारे में थी, और हम सभी ने इस पर अपने विचार बहुत साफ़ तौर पर बताए हैं।”
कांग्रेस MP प्रियंका गांधी वाड्रा कहती हैं, “जिस तरह से वे यह बिल लाए हैं, जो चीज़ें उन्होंने इससे जोड़ी हैं, डिलिमिटेशन, 2011 की जनगणना, यह बहुत साफ़ है कि उन्हें पता था कि यह बिल पास नहीं हो पाएगा। उन्हें बस पॉलिटिकल क्रेडिट चाहिए था…
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा “हम बहुत साफ कह रहे हैं, और हम यह हर प्लेटफॉर्म से कहेंगे, हम यह हर राज्य में कहेंगे, सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही नहीं, बल्कि INDIA गठबंधन की हर पार्टी यह बहुत साफ कहेगी: वह 2023 का कानून लाओ जो पास हुआ था, उसे 2029 तक पूरा करने के लिए जो भी बदलाव करना है, करो, हम उसका पूरा सपोर्ट करेंगे। इस सरकार के लिए चीजें बदल गई हैं। यह उनके कामों से साफ दिखता है। सबसे पहले, उन पर बहुत ज़्यादा इंटरनेशनल प्रेशर है। वे जो बहुत सारे काम कर रहे हैं, मुझे नहीं लगता, जैसा कि मेरे भाई ने कई बार कहा है, कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री US के साथ हुई डील की शर्तों को मानता, जब तक कि बहुत ज़्यादा प्रेशर न हो। जनता कई समस्याओं से जूझ रही है; गैस, फल, सब्जियों, हर चीज़ के दाम बढ़ गए हैं। इसका बोझ महिलाओं के कंधों पर है… वे अपना महिला मोर्चा जिसके भी घर के सामने ले जाना चाहें, ले जा सकती हैं। वे जितना चाहें उतना तमाशा कर सकती हैं। यह देश अब यह बात समझ में आ गई है कि वे अपनी बातों पर कायम नहीं रहते। उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। और निश्चित रूप से, महिलाएं उन पर भरोसा नहीं कर सकतीं।
Author: थनेश्वर बंजारे
Dist :- Gariyaband Phone No. :- 7067148964 Gmail :- Banjarethaneshwar544@gmail.com




