सरगुजा/अम्बिकापुर -:भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो छत्तीसगढ़ (ACB) ने सरगुजा संभाग में अब तक की सबसे बड़ी और सनसनीखेज ट्रैप कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, संभाग अम्बिकापुर में पदस्थ उपायुक्त (अधीक्षण अभियंता) पूनम चन्द्र अग्रवाल और वरिष्ठ सहायक ग्रेड–02 अनिल सिन्हा को 65 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
कार्रवाई के बाद पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है।
सत्यापन और समयवृद्धि के नाम पर मांग
प्रार्थी रवि कुमार, जो ठेकेदारी कार्य करते हैं, ने 20 जनवरी 2026 को ACB में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार वर्ष 2023 में उन्होंने—
नवीन तहसील भवन, दौरा कुंडली (जिला बलरामपुर) — लागत लगभग 65 लाख रुपये
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, लुंडा में 6 अतिरिक्त कक्ष निर्माण — लागत लगभग 43.51 लाख रुपये
का निर्माण कार्य विधिवत निविदा प्रक्रिया के तहत पूर्ण किया था। कार्य पूर्ण होने के बाद भौतिक सत्यापन और अंतिम समयवृद्धि अनुमोदन के एवज में रिश्वत की मांग की गई।
60 से 70 हजार तक पहुंची “डील”
ACB की जांच में सामने आया कि दोनों निर्माण कार्यों के लिए 30-30 हजार रुपये, कुल 60 हजार की मांग की गई थी।
5 फरवरी 2026 को ट्रैप की योजना बनाई गई।
जब प्रार्थी कार्यालय पहुंचा तो उसे सीधे उपायुक्त से मिलने नहीं दिया गया। वरिष्ठ सहायक अनिल सिन्हा ने कहा कि अब रकम 60 नहीं बल्कि 70 हजार रुपये देनी होगी। सौदेबाजी के बाद 65 हजार रुपये पर सहमति बनी।
फिनाफ्थलीन पाउडर से चिह्नित नोट, इशारा मिलते ही दबिश
ACB टीम ने पंचनामा तैयार कर 65,000 रुपये को फिनाफ्थलीन पाउडर से चिह्नित किया।
राशि वरिष्ठ सहायक अनिल सिन्हा को सौंपी गई, जिसने 5,000 रुपये अपने पास रखे और 60,000 रुपये उपायुक्त पूनम चन्द्र अग्रवाल को उनके कक्ष में दे दिए।
इशारा मिलते ही ट्रैप दल ने दबिश दी और—
उपायुक्त से 60,000 रुपये
वरिष्ठ सहायक से 5,000 रुपये
बरामद किए। दोनों के हाथ धुलवाने पर फिनाफ्थलीन टेस्ट पॉजिटिव पाया गया।
पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 एवं 12 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सिस्टम पर बड़े सवाल
यह कार्रवाई सरकारी निर्माण व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है—
क्या बिना रिश्वत दिए सरकारी फाइलें आगे नहीं बढ़तीं?
क्या भौतिक सत्यापन और अनुमोदन अब “रेट लिस्ट” पर निर्भर हो चुके हैं?
सरगुजा संभाग में यह ट्रैप कार्रवाई एक मिसाल बनकर सामने आई है। ठेकेदारों और आम नागरिकों में यह संदेश गया है कि यदि हिम्मत कर शिकायत की जाए, तो कानून भ्रष्टाचारियों तक जरूर पहुंचता है।
Author: थनेश्वर बंजारे
Dist :- Gariyaband Phone No. :- 7067148964 Gmail :- Banjarethaneshwar544@gmail.com




