राजभवन तक पदयात्रा पर निकले सैकड़ों ग्रामीण, बोले: रायपुर में नहीं सुनी गई आवाज तो दिल्ली करेंगे कूच
गरियाबंद / मैनपुर :-वनांचल क्षेत्र के मैनपुर ब्लॉक से निकली विशेष पिछड़ी जनजाति — कमार समाज की सैकड़ों की पदयात्रा अब जनआंदोलन का रूप ले चुकी है।“हम जंगल के वासी हैं, मगर हमारे अधिकारों के कागज अब तक अधूरे हैं,” — यह कहते हुए समाज के लोग अपने वन अधिकार पट्टा, मूलभूत सुविधाएं, आवास, स्वास्थ्य और शिक्षा की मांगों को लेकर राजभवन रायपुर की ओर पदयात्रा पर निकले हैं।कमार समाज, जिन्हें “राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र” कहा जाता है, ने प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि उन्होंने कई वर्षों से जिला प्रशासन, तहसील और ब्लॉक स्तर पर बार-बार आवेदन दिए, लेकिन कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई।12 गांवों के सैकड़ों कमार ग्रामीण, प्रशासनिक उपेक्षा से त्रस्त होकर अब सड़कों पर उतर आए हैं। उनका कहना है —“अगर राजभवन तक पहुँचने के बाद भी हमारी आवाज नहीं सुनी गई, तो हम दिल्ली कूच करेंगे और देश के राष्ट्रपति से न्याय की गुहार लगाएंगे।”पदयात्रा दल आज
दिनांक 11 नवम्बर 2025 (मंगलवार) को गरियाबंद जिले के NH-130C स्थित कचना धुरवा मंदिर परिसर पहुँचा, जहाँ उन्होंने रात्रि विश्राम किया।इस दौरान जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और यात्रियों से लगातार संवाद किया।ग्रामीणों ने बताया कि उनके गाँवों में आज भी सड़क, स्वास्थ्य केंद्र, पेयजल सुविधा और वनाधिकार पट्टा वितरण जैसी मूलभूत ज़रूरतें पूरी नहीं हुई हैं।उनका कहना है कि बार-बार निवेदन करने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो अब जनता खुद न्याय की राह पर निकल पड़ी है।यात्रा में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की बड़ी संख्या शामिल है। हाथों में “वन हमारा हक हमारा”, “कमार समाज को न्याय दो” और “अब नहीं रुकेगी यह पदयात्रा” जैसे नारे लिखे तख्तियां नजर आईं।प्रशासन की ओर से बताया गया कि ग्रामीणों की मांगों पर चर्चा जारी है और अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट तैयार की जा रही है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि अब वायदे नहीं, कार्रवाई चाहिए।सूत्रों के अनुसार, पदयात्रा दल कल सुबह राजिम मार्ग होते हुए राजधानी रायपुर की ओर प्रस्थान करेगा।
Author: थनेश्वर बंजारे
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