हेल्पलाइन, दीवाल लेखन और मुनादी से बढ़ेगी नशामुक्ति की जागरूकता — अवैध कारोबार पर निगरानी तेज
गरियाबंद-: जिले में नशीली पदार्थों के अवैध कारोबार और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर बी.एस. उइके और पुलिस अधीक्षक निखिल कुमार राखेचा ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक लेकर सभी संबंधित विभागों को ताबड़तोड़ कार्रवाई के निर्देश दिए।बैठक में अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे, समाज कल्याण उपसंचालक डी.पी. ठाकुर, महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी अशोक पांडेय, परिवहन अधिकारी रविन्द्र ठाकुर, एनआईसी उपनिदेशक नेहरू निराला, पीडब्ल्यूडी अभियंता रामेश्वर सिंह, सहायक ड्रग कंट्रोलर संजय राजपूत सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।कलेक्टर ने कहा कि जिले में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए विभागों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित किया जाए। सीमावर्ती क्षेत्रों और दुकानों में अवैध बिक्री व तस्करी पर कड़ी निगरानी रखी जाए। साथ ही अवैध शराब, गांजा और जर्दायुक्त गुटखा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।उन्होंने निर्देश दिए कि नशे के आदी लोगों को इलाज और काउंसलिंग के लिए स्पर्श क्लिनिक के माध्यम से मदद दी जाए। साथ ही नशामुक्ति के लिए जारी टोलफ्री नंबर 14446 और अवैध मादक पदार्थों की रिपोर्टिंग के लिए हेल्पलाइन 1933 को व्यापक प्रचारित किया जाए, ताकि लोग इनका अधिक से अधिक उपयोग करें।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यदि किसी सार्वजनिक स्थल, स्कूल या कॉलेज परिसर में नशा करने या बेचने की गतिविधि हो रही है, तो नागरिक पुलिस प्रशासन के व्हाट्सऐप नंबर 94792-25884 पर सूचना दे सकते हैं। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।अधिकारियों को इन हेल्पलाइन नंबरों का दीवार लेखन और मुनादी के माध्यम से गांव-गांव में प्रचार करने के निर्देश भी दिए गए। स्कूलों और कॉलेजों के आसपास नशीली वस्तुओं की बिक्री पर विशेष नजर रखते हुए तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए गए। बैठक में यह भी बताया गया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे, पुलिस बल और नियमित जांच के माध्यम से तस्करी पर अंकुश लगाने की व्यवस्था की गई है। हॉटस्पॉट इलाकों की पहचान कर वहां लगातार निगरानी रखी जा रही है।
इसके साथ ही सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि दुर्घटनाजन्य स्थलों का निरीक्षण कर सुधार किए जा रहे हैं, घुमंतु मवेशियों के लिए सुरक्षित स्थानों की व्यवस्था की जा रही है और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी है।
कलेक्टर ने कहा कि नशामुक्त गरियाबंद बनाने के लिए प्रशासन, पुलिस और समाज सभी की भूमिका अहम है। जागरूकता, सख्ती और सतत कार्रवाई से ही जिले को नशे की जकड़ से मुक्त किया जा सकता है।
Author: थनेश्वर बंजारे
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