फसल जलमग्न होने से किसानों का फूटा गुस्सा

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धमतरी-रायपुर मार्ग हुआ ठप!

गंगरेल बांध से छोड़ा गया 27 हजार क्यूसेक पानी बना किसानों के लिए आफत

 दुलना एनीकेट के खुले गेट से खेतों में घुसा पानी — हजारों एकड़ धान की फसल बर्बाद

 

धमतरी/रायपुर। महानदी तटीय क्षेत्रों के किसानों पर इस बार बारिश और विभागीय लापरवाही ने दोहरी मार दी है। गंगरेल बांध से अचानक छोड़े गए 27 हजार क्यूसेक पानी के बाद धमतरी और रायपुर जिले के सैकड़ों गांवों के खेतों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। हजारों एकड़ में लगी पकने की कगार पर धान की फसल जलमग्न हो गई है।

 

शनिवार सुबह से ही गुस्साए किसानों ने धमतरी-रायपुर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। किसानों ने सरकार और जन संसाधन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासन से तत्काल मुआवजा देने की मांग की।

 

किसानों का आरोप है कि जन संसाधन विभाग की भारी लापरवाही के कारण यह संकट खड़ा हुआ। दुलना एनीकेट का गेट समय पर बंद नहीं किया गया, जिससे महानदी का पानी सीधे खेतों में घुस गया। किसानों का कहना है कि बार-बार विभाग को सूचना देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।

 

स्थानीय किसान भूपेंद्र साहू ने बताया, “हमारे खेतों में लगभग 5 एकड़ में धान की फसल थी, सब पानी में समा गई। अब हमारे पास कुछ नहीं बचा। सरकार को तुरंत सर्वे कर मुआवजा देना चाहिए।”

 

मौके पर पुलिस बल मौजूद है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी अब तक नहीं पहुंचे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक प्रशासन मौके पर आकर ठोस आश्वासन नहीं देता, तब तक वे सड़क नहीं छोड़ेंगे।

 

स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

थनेश्वर बंजारे
Author: थनेश्वर बंजारे

Dist :- Gariyaband Phone No. :- 7067148964 Gmail :- Banjarethaneshwar544@gmail.com

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