नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के बाद इसे पूरे देश में लागू करने करने की तैयारी रहा है। चुनाव आयोग ने इसके लिए सभी राज्यों को तैयारी का निर्देश दे दिया है। यह काम अगले महीने यानि अगस्त से शुरू हो सकता है।
राज्यों के मुख्य चुनाव आयोग को वोटर लिस्ट रिवीजन के लिए तैयार रहने को कहा गया है। बता दें कि बिहार में इस साल चुनाव होने जा रहे हैं जबकि इन पांच अन्य राज्यों – असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 में निर्धारित हैं।
EC ने CEO को लिखा पत्र
चुनाव आयोग ने इसको लेकर राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखा है। पत्र में कहा या है कि वे 1 जनवरी 2026 को आधार बनाकर वोटर लिस्ट को दोबारा खंगालने की तैयारी शुरू करे। यानी उस दिन तक 18 साल के हो चुके लोगों का वोटर लिस्ट में नाम होना चाहिए।
28 जुलाई के बाद लेगी फैसला
एक अधिकारी के मुताबिक इलेक्शन अथॉरिटी 28 जुलाई के बाद देश में एसआईआर पर फैसला करेगी, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में बिहार में वोटर लिस्ट पुनरीक्षण के मामले में दोबारा सुनवाई होगी।बता दें कि चुनाव आयोग ने ऐलान किया कि वह जन्म स्थान की जांच करके विदेशी अवैध प्रवासियों को हटाने के लिए पूरे भारत में मतदाता सूचियों की गहन समीक्षा करेगा।
बिहार में जारी है एसआईआर
बता दें कि बिहार में 24 जून को शुरू हुए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची से अपात्र और फर्जी नामों को हटाना है। इसके लिए बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर सर्वेक्षण कर रहे हैं, जो 26 जुलाई 2025 तक चलेगा।
ड्राफ्ट मतदाता सूची 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित होगी और दावे-आपत्तियों की अवधि 1 अगस्त से 1 सितंबर तक रहेगी। अंतिम सूची 30 सितंबर 2025 को जारी होगी। इस प्रक्रिया में मतदाताओं को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए 11 दस्तावेजों में से एक जमा करना होगा।
Author: थनेश्वर बंजारे
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