शिक्षाकर्मी फर्जी वाड़ा गरियाबंद मे फिर उठा कार्यवाही की मांग

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शिक्षाकर्मी फर्जी वाड़ा गरियाबंद मे फिर उठा कार्यवाही की मांग

2014 से 2026 तक पांच बार हो चुकी है मैनपुर ब्लॉक के शिक्षा कर्मी के दस्तावेज कि जॉच, दस्तावेज में भारी अनियमितता फिर भी कार्रवाई नहीं

 फर्जी शिक्षाकर्मी को बचाने चलती है हमेशा सेटिंग का खेल

गरियाबंद -:मैनपुर विकास खंड के बहुचर्चित वर्ष 2005 और 2007 में भर्ती फर्जी शिक्षाकर्मी मामले में अब तक 2014 से 2026 आते आते पांच बार दस्तावेज का जॉच हो चुका हैं और हर बार जॉच के बाद दस्तावेज अपात्र पाए जाने के बाद भी कारवाही हमेशा ठंडे बस्ते में पड़ जाती हैं। अब तक कुल पांच बार दस्तावेज का जॉच हो चुका हैं और कुल 129 शिक्षा कर्मी के दस्तावेज अपात्र सूची में शामिल है उसके बाद भी इन पर बर्खास्तगी का मामला अटका हुआ है।

वर्तमान में कुछ माह पहले जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर के द्वारा जॉच के लिए पूर्व में पदस्थ जिला शिक्षा अधिकारी जगदीश धीर को लेटर जारी कर जॉच हेतु निर्देशित कि गई थी जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा पांच सदस्यीय टिम गठित कर 129 शिक्षा कर्मी के दस्तावेज का जॉच कर रिपोर्ट को जिला पंचायत कार्यालय में सौंपी गई थी। जिसमें करीब 129 शिक्षकों का दस्तावेज परीक्षण योग्य और त्रुटि पाई गई जिसके बाद भी इनके ऊपर किसी तरह कि कोई कारवाही नहीं हुई और मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

उल्लेखनीय है कि 2005 और 2007 के बिच भर्ती में किस कदर भर्राशाही कि गई हैं यह सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अवगत है। फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र, फर्जी एन सी सी का प्रमाण पत्र, स्काउट गाइड प्रमाण पत्र, खेलकूद से संबंधित प्रमाण पत्र , फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र सहित कई तरह से फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर अपात्र लोगों कि नियुक्ति कि गई है। जिला पंचायत द्वारा इन 129 फर्जी शिक्षाकर्मी कि भर्ती को निरस्त करने हेतु कई बार पत्राचार कि जा चुकी है।

दस्तावेज जॉच में 322 अभ्यार्थी उपस्थित हुए थे जिनमें से 139 अभ्यर्थियों का दस्तावेज सही पाया गया एवं 129 शिक्षा कर्मी के दस्तावेज फर्जी पाई गई इसके बाद भी इनके ऊपर कारवाही के लिए लेटर जारी हुई लेकिन अब तक किसी प्रकार कि कोई कारवाही इन फर्जी शिक्षाकर्मियों के ऊपर नहीं हुई।

2014 में वहीं फर्जी दस्तावेज से बर्खास्त हुए अभ्यार्थी केश 1. कुलभूषण सगरीया ने कहां कि हमने भी वहीं दस्तावेज संलग्न किए थे जो अभी वर्तमान में फर्जी शिक्षाकर्मी के तौर पर कार्यरत है लेकिन हमें पद मुक्त कर दिया गया और ये अभी भी सरकार को गुमराह कर नौकरी कर रहें हैं जबकि दस्तावेज इनके अनुरूप है था।

वहीं दूसरा अभ्यार्थी प्रकाश कर्ज ने कहां कि हमारा दस्तावेज और अभी वर्तमान में कार्यरत शिक्षा कर्मी के दस्तावेज में कोई अन्तर नहीं था लेकिन हमें पद मुक्त कर दिया गया और ये 129 अभी तक कार्यरत है। जबकि इनके बर्खास्तगी का आदेश कई बार जारी हो चुका है।

किस तरह कि फर्जीबाड़ी हुई हैं

अभ्यार्थी कोसिंग नेताम ये वर्तमान 28 जून को सेवानिवृत्त भी हो चुके है और विज्ञापन के अनुसार 20/01/2005 कि स्थिति में अनारक्षित वर्ग के लिए अधिकतम आयु 40 वर्ष होना था लेकिन अभ्यर्थी का उम्र 40 वर्ष से अधिक था फिर भी इन्हें नियुक्ति कर दी गई और सबसे बड़ी बात तो यह है कि इन्हें रोस्टर में फिट बैठाने के लिए अनुभव के 10 अंक दी गई थी जबकि 10 अंक देने का पात्रता नहीं थी

दूसरा अभ्यार्थी भूषण सिंह पांडे ने जॉच में बताया कि नियुक्ति हेतु बीएड/डीएड का प्रमाण पत्र जमा नहीं किया गया था जिसके बाद भी इन्हें डीएड के 11 अंक और खेलकूद प्रमाण पत्र जमा नहीं करने के बाद भी खेलकूद का 4.5 अंक दी गई थी और रोस्टर में फिट बैठाने के लिए जो फर्जी दस्तावेज थी सभी का अंक देकर नियुक्ति कि गई थी।

इस संबंध में मैनपुर जनपद पंचायत के सभापति परमेश्वर जैन का कहना है कि अधिकारी कोर्ट और उच्च अधिकारी के निर्देश का पालन नहीं कर रहे हैं और फर्जी शिक्षाकर्मी को बचाने का भरपूर प्रयास कर रहे हैं, कुछ दिनों में हाईकोर्ट में रिच दायर करूंगा।

थनेश्वर बंजारे
Author: थनेश्वर बंजारे

Dist :- Gariyaband Phone No. :- 7067148964 Gmail :- Banjarethaneshwar544@gmail.com

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