फिंगेश्वर शिक्षा विभाग में वसूली का खेल: आदेश किसका, पैसा किसके खाते में? BEO की भूमिका पर उठे बड़े सवाल

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फोनपे से ट्रांजेक्शन—संलग्न कर्मचारी बना माध्यम? जांच की मांग तेज, लेखन सामग्री एवं फार्मो की छपाई की राशि प्रशासन की ओर आबंटन हुआ  फिर भी वसूली

संवाददाता – थनेश्वर बंजारे

 

गरियाबंद -:जिले के फिंगेश्वर ब्लॉक में शिक्षा विभाग एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। परीक्षा परिणाम तैयार करने के नाम पर स्कूलों से पैसे वसूले जाने का मामला अब गहराता जा रहा है। इस पूरे प्रकरण में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी हेमंत साहू की भूमिका पर सीधे सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

सूत्रों के अनुसार ब्लॉक अंतर्गत करीब 152प्राथमिक और 83 मिडिल स्कूलों के प्रधान पाठकों से राशि ली गई। बताया जा रहा है कि यह वसूली एक सूचना और वीडियो के माध्यम से कराई गई, जिसमें परीक्षा परिणाम तैयार करने के नाम पर राशि देने को कहा गया।

 

जानकारी के मुताबिक जिन स्कूलों में छात्र संख्या 35 से कम है, उनसे 150 रुपये और 35 से अधिक दर्ज संख्या वाले स्कूलों से 300 रुपये तक लिए गए। यह राशि फोनपे के माध्यम से एक कर्मचारी के खाते में ट्रांसफर कराई गई, जो पिछले करीब दो माह से ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय फिंगेश्वर में संलग्न (अटैच) रहकर परीक्षा कार्य में लगाया गया था।

 

अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि—

👉 जब किसी प्रकार का कोई विभागीय आदेश जारी नहीं हुआ…

👉 तो फिर यह “सूचना” किसके निर्देश पर जारी हुई?

शिक्षा विभाग में सामान्यतः किसी भी प्रकार के निर्देश जारी करने का अधिकार ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के पास होता है। ऐसे में यह मानना मुश्किल है कि कोई संलग्न कर्मचारी अपने स्तर पर इस तरह की वसूली का निर्णय ले सकता है।

 

सूत्रों का कहना है कि बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के इस प्रकार का निर्देश जारी होना संभव नहीं है। यही कारण है कि इस पूरे मामले में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।

 

संलग्न कर्मचारी बना कड़ी

 

बताया जा रहा है कि संबंधित विभाग में कर्मचारी को पूर्व में भी कई महीनों तक संलग्न रखकर कार्य लिया गया। जबकि शासन स्तर पर इस तरह के लंबे समय तक संलग्न रखने के स्पष्ट नियम नहीं हैं।

 

सूत्रों के मुताबिक हाल ही में उस कर्मचारी को रिलीज भी किया गया है, इस मामले में भी एक सलग्न कर्मचारी क़े होने की संभावना बताये जा रही हैं.इनकी जाँच होनी चाहिए

 

 

 

💰 वसूली का दायरा और बढ़ा?

 

इस मामले के सामने आने के बाद यह भी चर्चा में है कि विभाग में केवल परीक्षा परिणाम ही नहीं, बल्कि

👉 सेवा पुस्तिका

👉 पेंशन प्रकरण

👉 एरियर भुगतान

जैसे कई मामलों में भी पैसे लिए जाने के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन शिक्षकों के बीच इसे लेकर नाराजगी साफ देखी जा रही है।

 

⚠️ विभाग का दावा बनाम जमीनी हकीकत

 

इस पूरे मामले में जब स्क्रीनशॉट वायरल हुए तो यह कहा गया कि विभाग द्वारा ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया।

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि—

👉 अगर आदेश जारी नहीं हुआ, तो फिर यह वसूली किसके इशारे पर हुई?

👉 क्या कोई छोटा कर्मचारी अपने स्तर पर इतनी बड़ी व्यवस्था खड़ी कर सकता है?

 

मुख्य सवाल जो जवाब मांगते हैं

 

👉 परीक्षा कार्य के लिए जब शासन से बजट मिलता है, तो फिर अलग से वसूली क्यों?

👉 फोनपे के जरिए लिया गया पैसा आखिर कहां गया?

👉 क्या यह मामला केवल ब्लॉक स्तर तक सीमित है या और ऊपर तक जुड़ा है?

👉 बिना आदेश के वसूली कैसे संभव हुई?

 

ज़िला शिक्षा अधिकरी गरियाबंद विभाग द्वारा आबंटन राशि  ब्लॉक फिंगेश्वर बीओ क़ो दिया गया

 

आबंटन राशि की बात करें तो म जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से ब्लॉक शिक्षा अधिकारी फिंगेश्वर में करीबन 170000 रुपए आवंटन किया गया हैं..जबकि इन्हीं 170000 रुपए में ₹100000 तो लेखन सामग्री एवं फार्मा की छपाई के लिए प्रशासन की ओर से ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को दिया गया था क्या इस राशि को दबाया गया है. आखिर कहा गए आबंटन राशि.क्या जानबूझकर इस तरह के अवैध वसूली किया गया ये तो जाँच क़े बाद ही मामले का खुलासा होग़ा

 

 

जांच की मांग तेज

शिक्षकों और सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले की लिखित शिकायत मुख्यमंत्री,शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव को करने की तैयारी है।

यदि निष्पक्ष जांच होती है, तो यह मामला शिक्षा विभाग में बड़े स्तर की अनियमितता और संभावित भ्रष्टाचार का खुलासा कर सकता है।

थनेश्वर बंजारे
Author: थनेश्वर बंजारे

Dist :- Gariyaband Phone No. :- 7067148964 Gmail :- Banjarethaneshwar544@gmail.com

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