अमेरिका-इजराइल-ईरान टकराव गहराया, पूरे इलाके में फैलने लगा युद्ध का खतरा

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तेलअवीव।इजराइल और अमेरिका ने ईरान के अंदर हमलों का दायरा और तेज कर दिया है। तेहरान, हमदान और इस्फहान जैसे प्रमुख शहरों में नए हमले किए गए हैं। इजरायली सेना के प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने दावा किया है कि ईरान के भीतर अब भी हजारों सैन्य ठिकाने ऐसे हैं जिन्हें निशाना बनाया जा सकता है। पश्चिम एशिया इस समय बारूद के ढेर पर बैठा है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच भड़कती जंग अब पूरे इलाके को अपनी चपेट में लेती जा रही है। हम आपको बता दें कि ताजा घटनाक्रम में अमेरिकी जेट विमानों ने ईरान के चाबहार मुक्त व्यापार क्षेत्र के पास सैन्य ठिकानों पर जबरदस्त हमला किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हमले के बाद इलाके में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं और पूरा इलाका दहल उठा। उल्लेखनीय है कि यह क्षेत्र ईरान के सिस्तान बलूचिस्तान प्रांत में पाकिस्तान की सीमा के नजदीक स्थित है और रणनीतिक नजरिये से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सहयोगी देशों पर दबाव तेज कर दिया है कि वे होरमुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए सैन्य और कूटनीतिक समर्थन दें। उल्लेखनीय है कि यह वही समुद्री मार्ग है जहां से दुनिया की तेल आपूर्ति का बहुत बड़ा हिस्सा गुजरता है। ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि अगर सहयोगी देश इस जलमार्ग को सुरक्षित करने में मदद नहीं करते तो भविष्य में नाटो की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं। इसी मुद्दे पर ट्रंप ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर से भी बातचीत की और वैश्विक व्यापार को पटरी पर लाने के लिए जलमार्ग खोलने की जरूरत पर जोर दिया।इस बीच, इजराइल और अमेरिका ने ईरान के अंदर हमलों का दायरा और तेज कर दिया है। तेहरान, हमदान और इस्फहान जैसे प्रमुख शहरों में नए हमले किए गए हैं। इजरायली सेना के प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने दावा किया है कि ईरान के भीतर अब भी हजारों सैन्य ठिकाने ऐसे हैं जिन्हें निशाना बनाया जा सकता है। उनका कहना है कि अभियान अभी खत्म होने से बहुत दूर है और जरूरत पड़ी तो हमले और तेज होंगे।दूसरी ओर ईरान ने युद्धविराम की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा कि तेहरान ने अमेरिका से किसी भी तरह के युद्धविराम की मांग नहीं की है। उनका कहना है कि जब तक हमलों का खतरा बना रहेगा तब तक बातचीत का कोई औचित्य नहीं है। ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी ने भी कहा है कि युद्ध का अंत तभी स्वीकार होगा जब वह पूरी तरह निर्णायक और स्थायी हो।उधर, जंग का असर अब पूरे पश्चिम एशिया में फैलता दिखाई दे रहा है। इराक की राजधानी बगदाद में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को रॉकेट और ड्रोन से निशाना बनाया गया। यहां अमेरिका का कूटनीतिक मिशन मौजूद है। वहीं बहरीन, कुवैत, कतर और सऊदी अरब ने दावा किया है कि उनके एअर डिफेंस सिस्टम ने कई ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि संघर्ष अब क्षेत्रीय टकराव का रूप लेता जा रहा है।लेबनान में भी हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के कई कस्बों पर नए हवाई हमले किए हैं और सीमा की ओर टैंक तथा सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक अब तक लेबनान में करीब आठ सौ पचास लोगों की जान जा चुकी है। इससे सीमा पर व्यापक युद्ध की आशंका और गहरा गई है।

 

वहीं इजराइली सेना का दावा है कि उसने अब तक ईरान पर करीब सात हजार छह सौ हमले किए हैं और ईरान की 85 प्रतिशत वायु रक्षा क्षमता को ध्वस्त कर दिया है। उधर ईरान की राहत संस्था के अनुसार इन हमलों में अब तक तेरह सौ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, हाल ही में इजराइल ने तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे पर उस विमान को भी नष्ट करने का दावा किया है जिसका इस्तेमाल कभी ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई करते थे।

थनेश्वर बंजारे
Author: थनेश्वर बंजारे

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