समाज को परंपरा के साथ शिक्षा व आधुनिकता में समन्वय बनाना होगा : इंद्रजीत महाडिक

SHARE:

धुरसा में आदिवासी ध्रुव गोंड समाज का वार्षिक अधिवेशन सम्पन्न, संस्कृति-एकता और शिक्षा पर जोर

गरियाबंद। जिले के ग्राम धुरसा में आदिवासी ध्रुव गोंड समाज का वार्षिक अधिवेशन एवं सामाजिक सम्मेलन शनिवार को गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। आदिवासी ध्रुव गोंड समाज परिषद राजिम राज 45 मौजा के तत्वावधान में आयोजित इस अधिवेशन में समाज की संस्कृति, एकता, शिक्षा और सामाजिक उत्थान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी, युवा और वरिष्ठजन शामिल हुए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य इंद्रजीत महाडिक थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नागेश्वर कुमार ध्रुव (अध्यक्ष, आदिवासी ध्रुव गोंड समाज परिक्षेत्र राजिम) ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूरण सिंह ठाकुर (अध्यक्ष, आदिवासी ध्रुव गोंड समाज गरियाबंद) तथा अति विशिष्ट अतिथि उमेंदी कोर्राम (अखिल भारतीय आदिवासी परिषद गरियाबंद) उपस्थित रहे।

इसके अलावा विशेष अतिथि के रूप में पन्नालाल ध्रुव, गंगाराम नेताम, गैंद ध्रुव, अशोक ध्रुव, संतुराम ध्रुव, पूर्व सरपंच रमेन्द्र साहू, सरपंच उमेश्वरी साहू सहित क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और समाज प्रमुख मौजूद रहे।
पारंपरिक रीति-रिवाजों से हुआ स्वागत

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक कलश यात्रा और आदिवासी देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना से हुई। मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का समाज की पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक नृत्य के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान पूरे कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली।

समाज भवन का हुआ लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान पूर्व सरपंच रमेन्द्र साहू द्वारा आदिवासी समाज के लिए प्रदान किए गए दो अलग-अलग समाज भवनों का लोकार्पण भी किया गया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने इसे सामाजिक गतिविधियों और सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
समाज की एकता, शिक्षा और विकास पर चर्चा
अधिवेशन में समाज की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने, युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने तथा शिक्षा के माध्यम से समाज के विकास की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया गया। समाज प्रमुखों ने युवाओं से अपनी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करते हुए एकजुट होकर समाज के उत्थान के लिए कार्य करने का आह्वान किया।

शिक्षा और आधुनिकता के साथ आगे बढ़ने की जरूरत
मुख्य अतिथि इंद्रजीत महाडिक ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ के मूल निवासी के रूप में गोंड आदिवासी समाज की एक विशिष्ट पहचान है। इस समाज ने राज्य की समृद्ध संस्कृति और विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ देश की आजादी की लड़ाई में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज प्रकृति के प्रति आस्था रखने वाला समाज है, जिसने पर्यावरण संरक्षण के लिए हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि परंपरा और संस्कृति को संजोते हुए शिक्षा और आधुनिकता के साथ कदम मिलाकर चलने से ही समाज का वास्तविक विकास संभव है।

कार्यक्रम के अंत में समाज के पदाधिकारियों ने आने वाले समय में समाज की एकता, शिक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

थनेश्वर बंजारे
Author: थनेश्वर बंजारे

Dist :- Gariyaband Phone No. :- 7067148964 Gmail :- Banjarethaneshwar544@gmail.com

Author

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई