फिंगेश्वर-: गरियाबंद जिले से बीती रात की एक हृदय विदारक खबर सामने आई है। विकासखंड के ग्राम किरवई के पास सड़क किनारे हुए हादसे ने पूरे जिले को स्तब्ध कर दिया है। फिंगेश्वर के जामगांव उपस्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ सहायक नेत्र अधिकारी डॉ. नितेश सिन्हा (उम्र 40 वर्ष) की दर्दनाक मौत दलदल में डूबने से हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब उनकी कार अनियंत्रित होकर राजिम–फिंगेश्वर मार्ग पर स्थित एक दलदली तालाब में जा गिरी।
घटना की सूचना मिलते ही राजिम पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद कार को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक डॉ. सिन्हा की जान जा चुकी थी। उन्हें राजिम अस्पताल के चीरघर लाया गया, जहां पोस्टमार्टम के पश्चात शव परिजनों को सौंपा गया।
डॉ. नितेश के असमय निधन से पूरे स्वास्थ्य विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है। सेवा-भाव, सरल स्वभाव और कार्य के प्रति समर्पित रहे डॉ. नितेश के निधन की खबर सुनते ही सहकर्मियों, मित्रों और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। दोपहर में जब उनका पार्थिव शरीर गृहग्राम केंद्री (अभनपुर) पहुंचा, तो वहां शोक और सन्नाटा फैल गया। परिजनों, ग्रामीणों और सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया गया कि डॉ. नितेश के करीब 8 से 10 वर्ष का पुत्र है। मासूम की आंखों के सामने से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। गांव में मातम का माहौल है और हर कोई यही कह रहा है —
“अगर सड़क ठीक होती, तो शायद नितेश आज हमारे बीच होते।”
राजिम–फिंगेश्वर मार्ग: मौत का गलियारा बना हुआ है
स्थानीय लोगों ने बताया कि राजिम से फिंगेश्वर तक की सड़क पिछले चार से पांच वर्षों से बदहाली की चरम स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे, दलदल, टूटी पुलिया और जलभराव की समस्या ने इस मार्ग को दुर्घटनाओं का अड्डा बना दिया है। रात के समय दृश्यता कम होने और सड़क पर मवेशियों के घूमने से हादसे आम बात हो गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग की मरम्मत हेतु हर वर्ष लोक निर्माण विभाग (PWD) को लाखों रुपये का बजट स्वीकृत होता है, लेकिन विभागीय स्तर पर केवल कागजी खानापूर्ति की जाती है। न तो सड़क मरम्मत होती है, न ही सुरक्षा संकेत लगाए जाते हैं।
एक ग्रामीण ने आक्रोश जताते हुए कहा —
“सड़क के नाम पर केवल बजट खाया जा रहा है। अगर विभाग ने समय पर सड़क की मरम्मत की होती, तो आज डॉ. सिन्हा जैसे नेकदिल इंसान की जान न जाती।”
विभाग पर उठे गंभीर सवाल
स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और ग्रामीणों ने सड़क विभाग पर कड़ी नाराजगी जताई है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि राजिम–फिंगेश्वर मार्ग की तत्काल मरम्मत, चौड़ीकरण और सड़कों पर उचित सुरक्षा संकेतक लगाए जाएं। साथ ही इस हादसे की जांच उच्च स्तर पर कराने की भी मांग उठी है, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही सामने आए।
प्रशासन से अपील —
“सरकार और विभाग अब जागे!
जब तक सड़कें सुधरेंगी नहीं, तब तक मौत ऐसे ही डामर पर नाचती रहेगी।”
Author: थनेश्वर बंजारे
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