माओवादी संगठन ने पहली बार हथियार छोड़ शांति वार्ता की लगाई गुहार,पत्र जारी कर सीजफायर की रखी मांग

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बस्तर :-  छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य तय है। इसी मिशन को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के निर्देश पर सुरक्षाबलों का ताबड़तोड़ ऑपरेशन जारी है। इन लगातार सफल ऑपरेशनों का असर अब नक्सल संगठन पर साफ दिखाई देने लगा है। डर और दबाव में नक्सली संगठन ने अब शांति वार्ता की बात कही है।

सोशल मीडिया पर नक्सल संगठन के केंद्रीय प्रवक्ता अभय का एक कथित पत्र वायरल हुआ है। इसमें अभय ने कहा है कि हम बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार की ओर से सीजफायर घोषित किया जाए।

पत्र में नक्सली प्रवक्ता ने दावा किया है कि उनकी पार्टी मार्च 2025 से ही गंभीरता के साथ शांति वार्ता की कोशिश कर रही है। लेकिन इसके उलट, सरकार की ओर से जनवरी 2024 से चल रहे घेराव और उन्मूलन अभियान को और तेज कर दिया गया। अभय ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि 21 मई को माड क्षेत्र के गुंडेकोट में हुए बड़े मुठभेड़ में उनके महासचिव बसवाराजू सहित केंद्रीय कमेटी के 28 सदस्य मारे गए।

पत्र के मुताबिक,अब संगठन ने यह तय किया है कि अधूरी पड़ी शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा और भविष्य में नक्सली हथियार छोड़कर जनसमस्याओं को लेकर राजनीतिक दलों और संघर्षरत संगठनों के साथ मिलकर काम करेंगे।

थनेश्वर बंजारे
Author: थनेश्वर बंजारे

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