परिवार के साथ भीम सेना-क्रांति सेना डटी, कई जिलों से उमड़ा समर्थन… धरना स्थल पर ही बना रहे खाना, वहीं खा रहे लोग
बिलासपुर। रेलकर्मी के बेटे का आदेश रद्द करने की मांग को लेकर बिलासपुर का डीआरएम दफ्तर आंदोलन का गवाह बन गया है। परिवार लगातार 78 घंटे से धरने पर बैठा हुआ है। चौथे दिन भी न तो हौसला टूटा, न ही आवाज कमजोर हुई। उल्टा, आंदोलन को और भी मजबूत करने रायपुर, रायगढ़, दुर्ग, कोरबा समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में लोग समर्थन देने पहुंच गए।धरना स्थल पर ऐसा नजारा है मानो किसी गांव की चौपाल सजी हो—लोग वहीं चूल्हा जलाकर खाना बना रहे हैं, वहीं खा रहे हैं और सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं।
किसका-किसका मिला समर्थन?
इस आंदोलन को सर्व आदिवासी समाज, भीम सेना और क्रांति सेना का सीधा समर्थन मिला है। सामाजिक संगठनों ने भी परिवार की इस लड़ाई को न्याय की जंग करार दिया है।
पुलिस व आरपीएफ का पहरा
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे पुलिस और आरपीएफ के जवान मौके पर तैनात हैं। हालांकि आंदोलनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं और पीछे हटने वाले नहीं हैं।
मंत्री प्रतिनिधियों का आश्वासन, पर नौकरी पर चुप्पी
धरना स्थल पर पहुंचे मंत्री प्रतिनिधियों ने आश्वासन तो दिया, लेकिन नौकरी देने के सवाल पर चुप्पी साध ली। इससे आंदोलनकारियों का गुस्सा और बढ़ गया।
आज शाम तक बड़ा फैसला संभव
रेलवे प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच आज शाम तक अहम बैठक हो सकती है। माना जा रहा है कि इसमें कोई ठोस हल निकल सकता है, लेकिन फिलहाल परिवार और समर्थक अड़े हुए हैं—
मांग पूरी करो, वरना धरना जारी रहेगा।”
Author: थनेश्वर बंजारे
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