शिक्षा विभाग में ‘बल्ले-बल्ले’! स्कूल कार्यालय में कथित शराबखोरी का आरोप, दो शिक्षकों पर सवाल—पत्रकारों से अभद्रता की भी शिकायत

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शिक्षा विभाग में ‘बल्ले-बल्ले’! स्कूल कार्यालय में कथित शराबखोरी का आरोप, दो शिक्षकों पर सवाल—पत्रकारों से अभद्रता की भी शिकायत

मैनपुर के देवझर स्कूल का मामला शराब सेवन का  वीडियो सामने आने क़े बाद , शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

मैनपुर/गरियाबंद। गरियाबंद जिले के शिक्षा विभाग में एक के बाद एक सामने आ रहे मामलों के बीच मैनपुर विकासखंड के शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला देवझर (अमली) से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला कथित मामला सामने आया है। स्थानीय मीडिया टीम के अनुसार, स्कूल के औचक निरीक्षण के दौरान दो शिक्षक मनोज कुमार भारद्वाज और कमल सिंह दीवान स्कूल के कार्यालय कक्ष में कथित रूप से चखने के साथ शराब का सेवन करते हुए मिले। इस दौरान कई छात्र-छात्राएं स्कूल परिसर में मौजूद थे।

कार्यालय में कथित शराब सेवन, बच्चे पढ़ाई के इंतजार में

मीडिया टीम के दावे के मुताबिक निरीक्षण के दौरान तीन शिक्षक अवकाश पर थे, जबकि मौजूद दो शिक्षकों पर नशे की हालत में होने का आरोप लगाया गया। यह भी आरोप है कि दोनों शिक्षक निर्धारित ड्रेस कोड का पालन नहीं कर रहे थे और टी-शर्ट व कार्गो जींस में नजर आए। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब स्कूल कार्यालय में इस तरह की कथित गतिविधियां चल रही थीं, तो बच्चों की पढ़ाई और विद्यालयीन अनुशासन की जिम्मेदारी कौन निभा रहा था?

सवाल पूछे तो पत्रकारों से कथित अभद्रता

मीडिया कर्मी नें जब शिक्षकों से कथित शराब सेवन और स्कूल में शिक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल किए गए तो वे कथित रूप से आक्रोशित हो गए और पत्रकारों से अमर्यादित भाषा में बात की। घटना का वीडियो भी सामने आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वीडियो और पूरे मामले की वास्तविकता की पुष्टि संबंधित विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।

गरियाबंद शिक्षा विभाग में ‘बल्ले-बल्ले’, एक से बढ़कर एक कारनामे?

गरियाबंद जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर पहले भी कई तरह की शिकायतें और सवाल सामने आते रहे हैं। अब स्कूल परिसर में कथित शराब सेवन का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर विद्यालयों में औचक निरीक्षण और अनुशासन की निगरानी कितनी प्रभावी है? यदि स्कूल कार्यालय तक में कथित शराब सेवन की स्थिति बन रही है, तो विभागीय जिम्मेदार अधिकारी क्या कर रहे हैं?

जांच हुई तो खुलेगा सच

मामले में अब शिक्षा विभाग द्वारा निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग उठ रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षकों पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग भी तेज हो सकती है। वहीं, पूरे मामले में संबंधित शिक्षकों का पक्ष और विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा।

अब बड़ा सवाल यह है कि शिक्षा के मंदिर में कथित शराबखोरी की नौबत आखिर आई कैसे और विभागीय निगरानी तंत्र को इसकी भनक क्यों नहीं लगी?

थनेश्वर बंजारे
Author: थनेश्वर बंजारे

Dist :- Gariyaband Phone No. :- 7067148964 Gmail :- Banjarethaneshwar544@gmail.com

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